यूजर्स के लिए : UPI New Rules February 2026: GPay, PhonePe, Paytm

By Smriti Agarwal

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फरवरी 2026 से देश में UPI पेमेंट सिस्टम के नियमों में कई अहम बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित, तेज़ और स्थिर बनाना है। ये नए नियम GPay, PhonePe, Paytm सहित सभी प्रमुख UPI ऐप्स पर लागू होंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने बढ़ते सर्वर लोड और बार-बार होने वाले ट्रांजैक्शन फेल्योर को कम करने के लिए यह कदम उठाया है।

नए नियमों के तहत अब एक उपयोगकर्ता किसी एक UPI ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैंक बैलेंस चेक कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करता है, तो वह दोनों में तय सीमा के अनुसार बैलेंस देख सकता है। इसके अलावा, लिंक किए गए बैंक खातों की सूची देखने की सीमा भी तय कर दी गई है। अब एक ऐप से दिन में 25 बार ही अकाउंट लिस्ट देखी जा सकेगी। पहले बार-बार बैलेंस और अकाउंट चेक करने से बैंकिंग सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता था, जिससे सर्वर धीमा हो जाता था।

UPI ऑटोपे से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब सब्सक्रिप्शन, ईएमआई या बिल भुगतान जैसे ऑटोपे ट्रांजैक्शन केवल नॉन-पीक समय में प्रोसेस होंगे। हर ऑटोपे रिक्वेस्ट को अधिकतम चार बार ही प्रोसेस किया जाएगा, जिसमें एक मुख्य प्रयास और तीन दोबारा प्रयास शामिल होंगे। इससे असफल लेनदेन की संख्या घटेगी और सिस्टम पर भार कम होगा।

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सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निष्क्रिय UPI आईडी पर भी नियम लागू किए गए हैं। यदि कोई UPI आईडी लगातार 12 महीने तक उपयोग में नहीं आती है, तो उसे स्वतः बंद कर दिया जाएगा। मोबाइल नंबर के दोबारा आवंटन के कारण होने वाले संभावित जोखिम को देखते हुए यह कदम जरूरी माना गया है। नया बैंक अकाउंट जोड़ते समय अब अधिक सख्त सत्यापन और उपयोगकर्ता प्रमाणीकरण प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि धोखाधड़ी की संभावना कम हो सके।

तकनीकी स्तर पर भी सुधार किया गया है। अब आवश्यक ट्रांजैक्शन एपीआई का जवाब 10 सेकंड के भीतर देने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पहले यह समय 30 सेकंड तक हो सकता था। इससे भुगतान प्रक्रिया और तेज़ तथा भरोसेमंद बनेगी। साथ ही, तय शर्तों के तहत उपयोगकर्ता बैंक या एनबीएफसी द्वारा दी गई प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन का उपयोग कर UPI से भुगतान या निकासी भी कर सकेंगे।

इन बदलावों का मुख्य मकसद UPI सिस्टम को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है। उपयोगकर्ताओं और व्यापारियों को चाहिए कि वे इन नए नियमों को ध्यान में रखकर अपने डिजिटल लेनदेन की योजना बनाएं।

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अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अंतिम नियम, सीमा और लागू होने की तारीखें NPCI, बैंकों या पेमेंट सेवा प्रदाताओं की आधिकारिक अधिसूचनाओं के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

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